Pregnancy Test Kitne Din Bad Kare.Pregnancy Test Kab Karna Chahiye ?

पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद मुझे प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए ? ये एक ऐसा सवाल है जो हर बार पूछा जाता है जैसे ही किसी महिला के पीरियड मिस होते है वो जल्दी से जल्दी टेस्ट करके कन्फर्म करना चाहती है की उनको प्रेगनेंसी है के नहीं आज के इस आर्टिकल में हम आप को बातएंगे की प्रेगनेंसी के कितने दिनों बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए साथ ही ये भी बातएंगे की प्रेगनेंसी के शुरुवाती लक्षण क्या होते है साथ ही आप प्रेगनेंसी टेस्ट के भरोसे ही न बनी रहे बल्कि लक्षण देख भी आप decide कर सके कि आपको प्रेगनेंसी हो सकती है या नहीं तो इस आर्टिकल को एन्ड तक जरूर पड़े

दोस्तों जब मेल का स्पर्म फीमेल के एग को fertitile करता है तो उसके बाद एग फैलोपियन tube से निकलकर utrus में आ जाता है और यहाँ आ कर एंडोमेटनिन की लाइन से चिपक जाता है और यही से प्रेगनेंसी की जर्नी शुरू होती है और जैसे ही कोई महिला प्रेगनेंसी कंसीव करती है उसके सरीर में 3 हार्मोन बहुत तेजी से बढ़ते है जैसे प्रोस्ट्रोन एस्ट्रोजन और hcg और ये इतनी तेजी से बढ़ते है की आप उम्मीद भी नहीं कर सकती खासकर hcg हार्मोन तो हर 48 ऑवर में दुगुना हो जाता ही और इनका असर आपके सरीर पर दिखाई देता है तो चलिए हम सबसे पहले ये बात करते है की

प्रेगनेंसी कंसीव होने के बाद से पीरियड आने तक आपको कौन कौन से लक्षण दिखाई देते है ?

1 -पेट के निचले हिस्से में क्रैम्प्स होना

जैसा की अभी हमने आपको बताया की एग फर्टाइल होने के बाद एडोमेट्रिनीन की लाइनिंग में चिपकता है तो ये एंडोमेट्रिन की लाइनिंग को थोड़ा सा पुश करता है जिसकी वजह से आपको पेट के निचले हिस्से में क्रैम्प्स महसूस हो सकते है

2 -ओवुलेशन के लगभग सात दिन बाद स्पॉटिंग होना

अगर आप अपनी पीरियड साइकिल को सही तरीके से समझते है तो फिर आप पता लगा लेंगे की आपका ओवुलेशन कब हुआ है वैसे अगर आपको नहीं पता तो इसके लिए आप इस आर्टिकल को पढ़े https://timesofgloble.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%81%e0%a4%b9-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95/

जैसा की हमने आपको अभी बताया की फर्टाइल एग एंडोमेट्रिनीन की लाइन को पुश करता है जिसकी वजह से कई महिलाओ को ब्लीडिंग या स्पॉटिंग दिखाई देने लगती है

3 -जी मचलाना और उलटी होना

इसको मॉर्निंग सिकनेस भी बोलते है अब इसके पीछे का कारन है प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का बड़ा हुआ लेवल ,प्रोजेस्ट्रोन आपके हार्मोन पाचन तंत्र को धीमा कर देता है इसकी वजह से आपको एसिडिटी और अपच की प्रॉब्लम हो जाती हैऔर इसकी वजह से आपको जी मचलाना उलटी आना जैसी प्रॉब्लम आ सकती है

4 -थकान महसूस होना

जैसे ही कोई महिला प्रेग्नेंट होती है तो बॉडी की काफी एनर्जी बच्चे के डेवलोपमेन्ट के लिए खर्च होना शुरू हो जाती है जिसकी वजह से महिला को थकान महसूस होना शुरू हो जाती है

5 -सुघने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होना

जैसे ही महिला का हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है महिला के सूंघने कि क्षमता भी बढ़ जाती है और इसी वजह से आपको खाने से चिढ़ भी हो सकती है

तो ये तो वो लक्षण है जिनसे आपको पता लग जायेगा की आप प्रेग्नेंट ही लेकिन कई बार ये लक्षण किन्हीं और करने के वजह से भी दिखाई देते है और आपको प्रेगनेंसी कन्फर्म करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट ही करना पड़ता है

आपको प्रेगनेंसी टेस्ट कब करना चाहिए ?

कई महिलाये अपनी प्रेगनेंसी को लेकर इतनी ज्यादा एक्ससिटेड रहती है की पीरियड मिस होते ही प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेते है और अगर समय पर भी टेस्ट करती है तो कुछ गलतिया कर देती है जिसकी वजह से सही रिजल्ट नहीं मिलते तो दोस्तों आपको अपना प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के कम से कम सात से दस दिन बाद ही करना चाहिए और जिन महिलाओ के पीरियड्स रेगुलर नहीं है या फिर उनको pcos की प्रोब्लेम्स है तो उनको अपना प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के कम से कम 15 दिन बाद करना चाहिए क्युकी प्रेगनेंसी टेस्ट किट आपके सरीर में मजूद hcg हार्मोन को चेक करती है और उसी के हिसाब से आपको रिजल्ट देती है तो अगर आपने जल्दी टेस्ट कर लिया है तो आपके सरीर में hcg हार्मोन उतना नहीं बना होगा की आपकी प्रेगनेंसी टेस्ट किट उसे सही से डिटेक्ट कर पाए और इसकी वजह से आपकी प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट गलत आ जायेगा तो आप अपना प्रेगनेंसी पीरियड मिस होने के कम से कम साथ से दस दिन बाद सुबह की पहली यूरिन से ही करे क्युकी इस यूरिन में सबसे ज्यादा मात्रा होती है hcg हार्मोन की और रिजल्ट आने की सबसे ज्यादा उम्मीद इस समय होती है

Pregnancy Test Kitne Din Bad Kare.Pregnancy Test Kab Karna Chahiye ?

गर्भावस्था परीक्षण का आधार क्या है

गर्भावस्था के बाद, ओव्यूलेशन के समय अंडे महिला के अंडाशय से फैलोपियन ट्यूब में आते हैं। जहां ये शुक्राणुओं के संपर्क में आने से निषेचित होते हैं। और गर्भधारण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
इस भ्रूण की देखभाल के लिए महिला के शरीर में हार्मोन बनना शुरू हो जाता है।
इसे एचसीजी – ह्यूमन क्रॉनिक गोनाडोट्रोपिन हार्मोन कहा जाता है
इसका कार्य गर्भ में ही रहता है, लेकिन जब यह अधिक मात्रा में बन जाता है। तो यह धीरे-धीरे महिला के पेशाब और खून में भी आ जाता है। इस हार्मोन की उपस्थिति से ही हम पुष्टि करते हैं कि गर्भावस्था है या नहीं।
अगर यह हार्मोन है तो यह गर्भावस्था है। अगर कोई हार्मोन नहीं है तो गर्भावस्था नहीं है

प्रेग्नेंसी टेस्ट किस समय करवाना चाहिए

प्रारंभिक अवधि में गर्भावस्था परीक्षण किट का परिणाम उस समय पर निर्भर करता है जिस समय गर्भावस्था के हार्मोन महिला के शरीर में सबसे अधिक होते हैं।
हम शुरूआती दिनों में ही प्रेग्नेंसी चेक कर लेते हैं। जब महिला के शरीर में गर्भावस्था के हार्मोन अधिक मात्रा में नहीं होते हैं, इसलिए गर्भावस्था की जांच का समय बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
एक महिला को हमेशा सुबह सबसे पहले प्रेग्नेंसी किट के जरिए यूरिन के जरिए प्रेग्नेंसी चेक करनी चाहिए। क्योंकि इस समय महिला के शरीर में प्रेग्नेंसी हार्मोन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है।

Conclusion

हम उम्मीद करते है की आपको अब पता चल गया होगा की प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद करना चाहिए

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