माँ की किन गलतियों की वजह से बच्चे को पीलिया हो जाता है Jaundice In Newborn

दोस्तों कई बार आपने सुना होगा की जनम होते ही बच्चे को पीलिया हो जाता है ये पीलिया दो तरीके का होता है एक जैसे ही बच्चे ने जनम लिया तो पीलिया diagonised हो जाता है लेकिन कुछ बच्चे ऐसे होते है जिनका पीलिया दो चार दिन के बाद पता लगता है ये पीलिया किन 2 कारणों से होता है इसमें माँ की क्या गलती है गलती है भी के नहीं ?क्या ये नेचुरल है ?क्या इसके फैक्टर्स होते है इसका सलूशन क्या है? पीलिया होते ही सब डर जाते है की अब तो बहुत पैसा लगेगा, बच्चे को हॉस्पिटल में रखना पड़ेगा। आपको बहुत ज्यादा डर लगने लग जाता है लेकिन डरने की कोई जरूरत नहीं है ये नेचुरल है और इसके सलूशन भी है तो जानते है वो चीज क्या है ? लेकिन उससे पहले timesgloble.com पे आपका एक बार फिर से स्वागत है

सबसे पहले ये जानते है की न्यू  बोर्न को पीलिया होता ही क्यों है ?

1 -सबसे पहला फैक्टर होता है माँ और बच्चे का ब्लड ग्रुप डिफरेंट होना , इसको ब्लड  ग्रुप incompatibility कहते है इनमें कुछ ऐसे specific  ब्लड ग्रुप होते है , जिसमें माँ और बच्चे  के ब्लड ग्रुप पे डिफ्रेंस आता है तो ये जॉन्डिस का कारण बनता है इसमें किसी की कोई गलती नहीं है इसमें किसी का कोई कण्ट्रोल नहीं है

2 -कई बार बच्चे कम दिन के होते है या pre  mature होते है तो ऐसे में पीलिया होने के चान्सेस 75 से 100 परसेंटेज रहता है बच्चे का वजन सही से मेन्टेन हो जाये, इसके लिए पूरी प्रेगनेंसी डाइट अच्छी रखनी चाहिए

३-कई बार डॉक्टर का ये भी कहना की forceps  डेलिवरी जब बच्चे की होती है तो सेरेमिक forceps लगता है तो वह पर सूजन आ जाती है तो इसकी वजह से भी कई बार बच्चे को जॉन्डिस की शिकायत देखने को मिलती है इसके अलावा

माँ की किन गलतियों की वजह से बच्चे को पीलिया हो जाता है Jaundice In Newborn

4  – बच्चे ने जनम लिया माँ बच्चे को अच्छे से फीड नहीं करा प् रही है बच्चा अच्छी तरह से फीड नहीं ले पढ़ा तो फीडिंग प्रॉब्लम की वजह से भी बच्चे को जॉन्डिस आ  जाता है तो ये सरे चीजे है तो यहाँ परिवार वालो की जिम्मेदारी बनती है ,माँ की जिम्मेदारी बनती है ,नए पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है की उसको अच्छे से फीड करवाए

मान लीजिये की बच्चे को जॉन्डिस  डिटेक्ट हो गया ?तब  क्या करे ?वो जानने से पहले इसके लेवल को समझते है 

अगर बच्चे का जॉन्डिस लेवल 9 के आस पास है तो डॉक्टर ncu में नहीं रखेंगे  कहेंगे की observ कीजिये ३,४ दिन बाद टेस्ट रिपीट करेंगे ,तो इसको आप simplally टेस्ट कर सकते हैजिसके लिए आप  न्यू बोर्न  बेबी के सर पे एक बार प्रेस कीजिये उसके बाद फिंगर को हटाने के बाद देखिये की पीलापन आरहा है ?अगर पीलापन आ रहा आ है? तो ये  हलके लेवल का  जॉन्डिस है  ,इसी तरह अगर पेट पे चेस्ट पे प्रेस करते है अगर पीलापन आरहा है तो थोड़ा सा बड़ा हुआ जॉन्डिस है अगर पैर  के तलवे पर प्रेस करते ही पीला दिखाई  देता है  तो पीलिया का लेवल ज्यादा है और फोटोथेरपि दी जाती  है

इसलिए जॉन्डिस के लेवल को समझना बहुत जरुरी है जॉन्डिस जान के ही उसको हॉस्पिटल में एडमिट नहीं करना चाहिए  है इसलिए बच्चे को जब भी जॉन्डिस डिटेक्ट हो गया है तो  पहला काम

1 -आपको करना है फीडिंग जॉन्डिस को आप खतम कर सकते हो भरपूर नुट्रिशन देके और माँ के दूध में सबसे ज्यादा  नुट्रिशन होता है इसलिए हम माँ को सलाह देते  है की आप बच्चे को एक प्रॉपर फेडिंग दे माँ को अच्छे से दूध नहीं आरहा है तो फॉर्मूला फीड  दीजिये इसलिए बहुत जरुरी है की बच्चे को नुट्रिशन दिया जाये जिससे उसका जॉन्डिस सही हो सके

2 -नेचुरल सनलाइट देना अब बच्चे को सनलाइट देने के लिए एक  दम कपडे खोल के धुप के आगे  नहीं लिटाना है बच्चे के लिए  बाहर का तापमान उसके अनुकूल नहीं है क्युकी वो अभी  गर्भ से निकला है तो उसको बहार  के तापमान को समझने में टाइम लगेगा तो बच्चे को कपड़े पहनाये और उसे डायरेक्ट सनलाइट मत दे इससे उसकी स्किन भी ख़राब हो  सकती है तो  है उसे धुप  दिखाए लेकिन थोड़ा शैडो रखें  डायरेक्ट धुप कभी न दे  इससे उसे काफी आराम मिलेगा

एक ताल मिश्री मार्किट  में मिलती है जिसको एक चमच पानी के साथ मिला कर बच्चे को पिलाये क्युकी ये  मिश्री डेट के saps  से बनी होती है क्युकी उसमें बहुत ही नुट्रिशन लेवल पाया जाता है जो  जॉन्डिस और लिवर को हील कर देता है और बच्चा तंदुरस्त बनता है

माँ की किन गलतियों की वजह से बच्चे को पीलिया हो जाता है Jaundice In Newborn

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