प्रेगनेंसी में बेचैनी और घबराहट का क्या मतलब होता है ?

दोस्तों प्रेगनेंसी टाइम में कुछ लोगो को कुछ ज्यादा ही बेचैनी और घबराहट होती है तो आखिर ये किस कारण होता है ये आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे और साथ ही साथ इसके क्या समाधान है वो भी जानेंगे तो सबसे पहले इसके कारण जानते है ?

प्रेगनेंसी में बेचैनी और घबराहट का क्या मतलब होता है ?

प्रेगनेंसी में घबराहट और बेचैनी क्यों होती है ?

1 -जब आप प्रेग्नेंट होते है तो आपकी शरीर में पहले के मुताबिक खून की मात्रा काफी बढ़ जाती है और खून की मात्रा बढ़ने से खून के दौरे बढ़ भी बढ़ जाते है जिसकी वजह से खून ज्यादा घूम रहा है हार्ट ज्यादा पंप कर रहा है तो ऐसे में ब्लडप्रेशर में changes आते है जिस की वजह से कई बार हमें अचानक से बेचैनी हो जाती है इसका और कोई अलग से कारण नहीं है ये बस बॉडी में होने वाले changes के कारण होता है, कभी भी अगर ऐसे बेचैनी घबराहट आपको महसूस होती है तो ब्रीथिंग ले एक दम से साँस अंदर करे और फिर धीरे से बाहर को छोड़ो देखना ये करके आपको एकदम से आराम मिलेगा अगर ऐसा आप 5 ,6 बार करेगी तो इसी में आपको बहुत ही राहत मिल जाएगी।

प्रेगनेंसी में बेचैनी और घबराहट का क्या मतलब होता है ?

2 -इसके अलावा प्रेगनेंसी में बहुत सारे हार्मोन्स बनते है प्रेगनेंसी को nourish करने ले लिए ,हेअल्थी रखने के लिए और बॉडी में बहुत सारे changes होते है जिसकी वजह से बॉडी में बहुत सारे केमिकल बनते है और ये अलग अलग तरीके के changes और हार्मोन्स और चकेमिकल बनने की वजह से उनका असर हमारे बॉडी पे ,हार्ट पे, मूड पे और ब्लड प्रेशर पे भी पड़ता है तो इसकी वजह स भी आपको घबराहट और बेचैनी हो सकती है ऐसा सिर्फ सरीर में होने वाले चंगेस की वजह से होता है

3 -स्लीप issue

प्रेगनेंसी में 8 ,10 मंथ की नींद लेना बहुत जरुरी है ,अगर आपको 8 घंटे की नींद प्रॉपर नहीं मिल पाती है तो उसकी वजह से भी ये बेचैनी घबराहट हो सकती है ये हर बार होगी बिना कारन के होगी ,ऐसा बार बार होगा, जिसकी वजह से आपको रोना भीआएगा तो नींद प्रॉपर लेनी बहुत जरुरी है जिससे आपके हार्मोन सही बने, गुड हार्मोन बने और आप हमेशा खुश रहे तो थोड़ा पैदल चले जब आप पैदल चलेंगे तो शरीर में एक्टिविटी होती है तो इससे नींद अच्छी आती है शाम सुबह घर में 10 मिनट्स गार्डन पे आप जरूर चले

प्रेगनेंसी में बेचैनी और घबराहट का क्या मतलब होता है ?

4 -कई बार प्रेगनेंसी में छोटी सी बात suppose आपके ब्रैस्ट में pain हुआ suppose आपके पेट के निचले हिस्से में पैन हुआ और आपने कुछ ऐसा ख़राब इंसिडेंट सुना है इसी से रिलेटेड तो तुरंत से वो आपके दिमाग में स्पार्क करेगा वो आपको चिंता में डालेगा और आप सोचने लग जाएगी unnecessary बात को और कई बार किसी ने कुछ अलग सी चीज खा ली जो उसने कभी सुनी हो किसी वीडियो में कि ये चीज अच्छी नहीं होती है इससे तो miscarriage हो जाते है और unneccessary thoughts प्रेगनेंसी में ज्यादा आते रहते है और ये thoughts जल्दी से दिमाग में घुसते है और निकलते नहीं है और इसको हम सोचते रहते है सोचते रहते है और फिर हम शिकार हो जाते है anxiety के। इसको कम करने के लिए कभी भी unnecessary बातों को मत सोचो हमेशा प्रेजेंट पे जिए आज के बारे पे अच्छा सोचे ,और अगर इसको रोकना है तो इसके लिए आपको मैडिटेशन करना पड़ेगा जिससे की थॉट्स पे आपका कण्ट्रोल आएगा

प्रेगनेंसी में बेचैनी और घबराहट का क्या मतलब होता है ?

प्रेगनेंसी में हार्ट पैल्पिटेशन्स क्या हैं?
What are heart palpitations in pregnancy?

हार्ट पैल्पिटेशन्स के दौरान, आपका दिल ऐसा महसूस कर सकता है कि यह दौड़ रहा है, हथौड़ा मार
रहा है या बहुत ही ज्यादा तेजी से धड़क रहा है. आपकी हार्ट रेट बढ़ सकती है, घट सकती है या एक बीट स्किप भी हो सकती है. कुछ लोगों को कुछ ज्यादा ही घबराहट का अहसास होता है.
प्रेगनेंसी के दौरान आपके शरीर में ब्लड वॉल्यूम काफी बढ़ जाता है. इसलिए, आपके पूरे शरीर और फ़ीटस में ज्यादा ब्लड सर्कुलेट करने के लिए, आपके दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल तेज़ी से धड़कता

तो ये सब तो हो गए कुछ रीज़न जिसकी वजह से घबराहट और बेचैनी होती है अब इनके सलूशन के बारे में बात करते है

गर्भावस्था के दौरान बेचैनी से बचने के उपाय / Tips To Cope Up Nervousness During Pregnancy In Hindi

लक्षणों और वजहों के बारे में तो आपने जान लिया अब आपके लिए ये जानना भी जरूरी है कि इसके लिए बचाव के उपाय क्या हैं

  • बेचैनी मामलों में आमतौर पर किसी भी विशिष्ट उपचार की आवश्यकता नहीं होती है, हालांकि अपने चिकित्सक से अपनी भावनाओं का उल्लेख करना एक अच्छा विचार है।गंभीर मामलों में, आपका डॉक्टर जोखिम को परखने के बाद दवा की सलाह देसकता है।
  • दिल घबराना और बेचैनी को कम करने में मदद करने वाली गतिविधिया करना आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। शारीरिक गतिविधि आपके शरीर को एंडोर्फिन छोड़ने में मदद करती है। ये आपके मस्तिष्क में प्राकृतिक दर्द निवारकpainkiller की तरह काम करते हैं। अपने शरीर को स्थानांतरित move करना तनाव को प्रबंधित करने के सबसे अनुशंसित तरीकों में से एक है। गतिविधिया जैसे की  टहलना,दौड़ना,योग आपकी मदर करेंगे| 
  • आप ऐसी गतिविधियों को कर सकते हैं जो आपके शरीर को बिना पसीने बहाये,शरीर से एंडोर्फिन को छोड़ने में मदद करती हैं उदहारण के लिए –ध्यान,एक्यूपंक्चर,मालिश ,गहरी साँस लेने के व्यायाम| नियमित समय से व्यायाम करें|  
  • यदि आपको पहले भी डर के दौरे पड़ते हैं, तब तो और भी ध्यान देना होगा। दौरे में डर की वजह से हृदयगति बढ़ जाती है, पसीना आता है, हाथ-पैर कांपते हैं, सांस लेने में कठिनाई होती है, गला सूखता है व छाती में दर्द होने लगता है। ऐसा कुछ हो तो डॉक्टर को बताएं। यदि इसकी वजह से आपका खाना-पीना व सोना दूभर हो रहा हो तो डॉक्टर थेरपिस्ट की मदद से हल्की दवा की खुराक दे सकते हैं।
  • सुनिश्चित करे कि आप पर्याप्त नींद ले रही हैं। हालांकि गर्भावस्था के दौरान नींद  छलावा लग सकती है, अच्छी नींद आपके बेचैनी के लक्षणों में काफी मदद कर सकती है। क्या आप रात में अक्सर उठती हैं? जबभी आपको मौका मिले झपकी लेने की कोशिश करें।
  • अपनी डायरी लिखे– कभी-कभी आपको बात करने का मन नहीं करता होगा। उन सभी विचारों को कहीं न कही तो निकलने की आवश्यकता है। अपनी डायरी शुरू करने का प्रयास करें जहां आप बिना डर के अपनी भावनाओं को बाहर निकल सकते हैं।आप देखेंगी की अपने विचारों और भावनाओं को लिखना आपको अपनी चिंताओं को व्यवस्थित करने में मदद करेंगे।
  • अपने आहार में ओमेगा 3 फैटी एसिडOmega 3 fatty Acid शामिल करें, चीनी व कैफीन से बचें,

अगर आपको ये सारी चीजे बार बार होती है तो ब्रेन को अच्छा करने वाला फ़ूड है बनाना तो आप एक बनाना खा सकते है इसमें पोटेसियम होता है जो कि आपके ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करता है बनाना के अलावा आप डार्क चॉकलेट भी ले सकते है क्युकी इसमें पोटेसियम और megnisuem होता है लेकिन चॉकलेट को थोड़ी कम मात्रा में ले और 8 से 10 घंटे स्लीप जरूर ले किताबे पड़े ,हस्बैंड से बातें करे ,योग करे, एक्सरसाइज करे

अगर आप ऊपर बताई गयी बातों को फॉलो करते है तो डेफिनेटली आपको इससे राहत मिलेगी ,आशा करते है कि आपको जानकारी अच्छी लगी होगी

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