प्रेगनेंसी में पैर में दर्द Leg Cramps During Pregnancy In Hindi प्रेगनेंसी में पैरो में ऐंठन

प्रेगनेंसी एक महिला के जीवन का सुखद अनुभव होता है जैसे की हम जान चुके है की प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई हार्मोन चंगेस होते है जिसकी वजह से उनको प्रेगनेंसी के दौरान अलग अलग तरह की परेशानी होती रहती है इन्ही में से एक परेशानी होती है पैरो में दर्द या फिर ऐंठन होना तो आज के आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की पैरो में ऐंठन क्यों होती है इससे आराम पाने के लिए आप क्या कर सकती है तो आप हमारे इस आर्टिकल को एन्ड तक जरूर देखें

दोस्तों जब भी किसी महिला को पैरो में दर्द होता है तो वो पैन किलर का सहारा ले लेती है लेकिन प्रेगनेंसी एक ऐसा समय होता है जिस समय आपको हर दवाई डॉक्टर की सलाह के बगैर नहीं लेनी चाहिए और अब ये जानते है की प्रेगनेंसी में पैरो में दर्द क्यों होता है बहुत जरुरी है

प्रेगनेंसी में पैरो में दर्द क्यों होता है ?

प्रेगनेंसी में आमतौर पे दर्द कुछ करने से होता है जिसमें पहला कारण

1 -प्रेगनेंसी के दौरान बढ़ने वाला प्रोजेस्टेरोन हार्मोन जिसका असर पैर की मांसपेशिया में पड़ता है और इसी की वजह से प्रेगनेंसी के दौरान आपको पैरो में दर्द और ऐंठन हो सकती है

2 -इसके अलावा अगर आपकी प्रेगनेंसी की दूसरे या तीसरी तिमाही चल रही है तो बढ़ते वजन और हार्मोन में बदलाव और पैरो में सूजन के कारन आपको पैरो में दर्द रहने की समस्या हो सकती है

3 -तीसरा कारण होता है आपका वजन जैसे जैसे प्रेगनेंसी पीरियड आगे बढ़ता है वैसे वैसे प्रेग्नेंट महिला का भी वजन बढ़ने लगता है जिसकी वजह से पैरो में ब्लड वापस दिल तक आने में दिक्कत होती है जिसकी वजह से आपको पैरो में दर्द होने की शिकायत हो सकती है

4-हो सकता है कि अतिरिक्त वजन वहन करने की वजह से आपकी टांगों की मांसपेशियां थक जाती हैं और जब आप आराम करती हैं तो मांसपेशियों में संकुचन होता है, जिससे ऐंठन होने लगती है।आपके रक्त संचरण में आए बदलावों की वजह से भी आपकी टांगों पर असर पड़ सकता है। गर्भ में बढ़ता शिशु आपकी नसों और रक्त नलिकाओं पर दबाव डालता है, जिससे खून आपकी टांगों में आता और जाता रहता है।

5-टांगों में जल प्रतिधारण की वजह से सूजन (इडिमा) होने पर भी आपको ऐंठन महसूस हो सकती है।हॉर्मोनों में बदलाव और आयरन व मैग्नीाशियम जैसे खनिजों (मिनरल्स) का असं​तुलन भी ऐंठन व दर्द का कारण बन सकता है।लंबे समय तक एक ही जगह पर स्थिर बैठे रहना और शारीरिक गतिविधियां बहुत कम होना भी इसका कारण हो सकता है।

हालांकि, ऐंठन की वजह से तीक्ष्ण दर्द होता है और यह करीब 10 मिनट तक बना रह सकता है, मगर इनकी वजह से आपकी पिंडलियों की मांसपेशियों को क्षति नहीं पहुंचती।

अच्छी बात यह है कि शिशु के जन्म के बाद टांगों में ऐंठन होना बंद हो जाएगा!

आइये अब जानते है की अगर पैरो में आपके दर्द हो रहा है तो आप इसके लिए क्या क्या कर सकती है ?

1 –सबसे पहले आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना है

देखिये प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन आने की समस्या हर प्रेग्नेंट महिला को होती है और इसकी वजह से महिलाये पानी पीना कम कर देती है और इसका असर उनके शरीर में ब्लड पर भी पड़ता है और ब्लड गाढ़ा होने लग जाता है ऐसे में आपको कम से कम हर रोज 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए जिससे आपके सरीर में हाइड्रेशन अच्छी मात्रा में रहेगा और आपको पैर दर्द के समस्या से आराम मिल जाता है

2 -इसके अलावा आप पैरो की सिकाई और मालिश जरूर करे

जब भी आपको टाइम मिले तो गुनगुने पानी से अपने पैरी की सिकाई जरूर करे इसके लिए आप एक टब या बाल्टी में हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करे और इसमें अपने पैरो को कम से कम 5 से 10 मिनट रखें इसके अलावा आप इसमें सेंधा नमक भी दाल सकती है हर रात को अपने पैरो की मालिश करे ताकि आपका ब्लड सर्कुलेशन इम्प्रूव हो और आपको पैर दर्द की समस्या से निजात मिल सके

3 –थोड़ा बहुत वर्कआउट करना

अगर आपकी प्रेगनेंसी में किसी भी तरह की कोई कॉम्प्लीकेशन्स नहीं है तो थोड़ा बहुत वर्कआउट करते रहे इससे आपके सरीर में ब्लड का सर्कुलेशन बना रहेगा और आपके पैरो में दर्द में आपको आराम मिल जायेगा

4 -चौथी बात इसका आपको सबसे ज्यादा ध्यान रखना है अपने खानपान का

प्रेगनेंसी के दौरान आप क्या खाती है इसका असर आपके होने वाले बच्चे पर और आपकी हेल्थ पर पड़ता है तो ऐसे में आपको केला ,एवोकैडो पके हुए आलू पालक और लौकी जरूर लेना है इससे आपके सरीर में पोटेसियम की मात्रा बढ़ेगी और आपको पैरो के दर्द से आराम मिल जायेगा

हम उम्मीद करते है आप को इस आर्टिकल के जरिये ये पता चल गया होगा की प्रेगनेंसी के दौरान आपके पैरो में दर्द क्यों होता है इसके लिए आपको क्या करना चाहिए

क्या गर्भावस्था में टांगों में ऐंठन होने का असर गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ता है?

हालांकि, गर्भावस्था में टांगों में ऐंठन होने से असहजता जरूर होती है मगर इससे आपके या शिशु के लिए कोई दीर्घकालीन समस्या नहीं होती। टांगों में दर्द के अधिकतर मामलों में भी ऐसा ही है।

हालांकि, डीवीटी की समस्या गंभीर होती है, और इसमें तुरंत डॉक्टरी सहायता की जरूरत होती है। डीवीटी आमतौर पर एक टांग को प्रभावित करता है। अगर आप कई घंटों तक स्थिर बैठी रहती हैं, तो इससे डीवीटी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए यदि आपको पहले भी खून के थक्कों की समस्या रही है या परिवार में किसी सदस्य के साथ ऐसा है, तो आप अपनी डॉक्टर को अवश्य दिखाएं।

प्रेगनेंसी में टांगों में ऐंठन या दर्द के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

अगर आपको गर्भावस्था के दौरान लगातार टांगों में दर्द रहे, तो इस बारे में अपनी डॉक्टर से बात करें। आप उनसे ऐंठन से राहत पाने के उपायों के बारे में पूछ सकती हैं।

निम्नांकित स्थितियों में तुरंत अपनी डॉक्टर से संपर्क करें:

  • कभी-कभार होने वाली ऐंठन की बजाय मांसपेशियों में दर्द लगातार बना रहे
  • दर्द बहुत तीक्ष्ण हो
  • आपको टांग में सूजन, संवेदनशीलता लगे या त्वचा लाल लगे।
  • छूने पर टांग हल्की गर्म महसूस हो।

स्ट्रेचिंग, मालिश आदि उपचारों के बाद भी यदि इन लक्षणों में सुधार न आए तो हो सकता है आपको खून के थक्के जमने की समस्या हो। इसमें तुरंत चिकित्सकीय उपचार की जरुरत होगी।

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