प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में आपको अपना सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत होती है प्रेगनेंसी की पहली तिमाही मतलब 1 से 12 हफ्ते का समय आपके लिए और आपके होने वाले बच्चे के लिए सबसे अहम और मुश्किल होता है इसकी वजह ये है की ये शुरुवाती 3 महीनो में सबसे ज्यादा miscarriage होने का खतरा रहता है

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

3 महीने की प्रेगनेंसी के लक्षण 

प्रेगनेंसी का तीसरा महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है, जो लगभग 9 से 12 सप्ताह का होता है। इस दौरान, एक महिला को विभिन्न लक्षणों का अनुभव हो सकता है, क्योंकि उसका शरीर गर्भावस्था के परिवर्तनों के अनुकूल होना जारी रखता है। प्रेग्नेंसी के तीसरे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखना आवश्यक है। नीचे कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं जो इस चरण के दौरान देखे जा सकते हैं:

  • सुबह की मतली: प्रेगनेंसी के तीसरे महीने के लक्षण में मतली और उल्टी शामिल हैं, जो केवल सुबह तक ही सीमित नहीं हो सकती हैं।
  • थकान: हार्मोनल परिवर्तन और शरीर पर बढ़ती मांगों के कारण थकान महसूस होती है और सामान्य से अधिक आराम की आवश्यकता होती है।
  • स्तन में परिवर्तन: स्तन कोमल, सूजे हुए या अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। निपल्स काले पड़ सकते हैं और स्तनों में नसें अधिक उभरी हुई हो सकती हैं।
  • बार-बार पेशाब आना: बढ़ता हुआ गर्भाशय मूत्राशय पर दबाव डालता है, जिससे पेशाब की आवृत्ति बढ़ जाती है।
  • मूड में बदलाव: हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन या भावनाओं में वृद्धि हो सकती है।
  • भोजन की लालसा और घृणा: गर्भवती महिलाओं में कुछ खाद्य पदार्थों के लिए विशिष्ट लालसा विकसित हो सकती है या उन खाद्य पदार्थों के प्रति अरुचि का अनुभव हो सकता है जिनका उन्होंने पहले आनंद लिया था।
  • योनि स्राव में वृद्धि: गर्भावस्था के दौरान ल्यूकोरिया नामक पतला, दूधिया सफेद स्राव आम है। यह संक्रमण से बचाने में मदद करता है।
  • कब्ज: हार्मोनल परिवर्तन और बढ़ते गर्भाशय का दबाव पाचन को धीमा कर सकता है और कब्ज पैदा कर सकता है।

हर महिला का गर्भावस्था का अनुभव अलग हो सकता है। कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी 3 महीने के लक्षण का अनुभव नहीं हो सकता है। यदि आप अपनी गर्भावस्था के बारे में चिंतित हैं या गंभीर या लगातार लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो मार्गदर्शन और सहायता के लिए विशेषज्ञ से परामर्श करना सबसे अच्छा है।

प्रेगनेंसी के 3 महीने में क्या खाना चाहिए?

प्रेगनेंसी के तीसरे महीने का आहार बहुत महत्वपूर्ण है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, दुबले प्रोटीन, डेयरी या विकल्प और स्वस्थ वसा सहित पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों पर ध्यान दें। फोलेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे पत्तेदार साग और खट्टे फल, और आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दुबला मांस और गहरे पत्तेदार साग का सेवन करें।

डेयरी या पौधे-आधारित विकल्पों से कैल्शियम प्राप्त करें, और मछली, चिया बीज और अखरोट से ओमेगा -3 फैटी एसिड शामिल करें। फाइबर युक्त भोजन खाएं और हाइड्रेटेड रहें। कच्चे या अधपके मांस, समुद्री भोजन, अंडे, बिना पाश्चुरीकृत डेयरी, नरम चीज, कैफीन, शराब और तंबाकू से बचें। व्यक्तिगत सलाह के लिए किसी स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श लें।

प्रेगनेंसी के तीसरे महीने में रखें ये सावधानियां 

गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान, माँ और विकासशील बच्चे दोनों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए कुछ सावधानियाँ बरतनी महत्वपूर्ण हैं। यहां ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख सावधानियां दी गई हैं:

  • नियमित प्रसव पूर्व देखभाल: अपने डॉक्टर के साथ निर्धारित जांच में भाग लें।
  • संतुलित आहार का पालन करें: पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें और कच्चे या अधपके मांस, समुद्री भोजन और बिना पाश्चुरीकृत डेयरी से बचें।
  • अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करें: बार-बार हाथ धोएं, फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोएं, और क्रॉस-संदूषण को रोकें।
  • हाइड्रेटेड रहें: रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • मध्यम व्यायाम करें: चलने, तैराकी, या प्रसव पूर्व योग जैसी अनुमोदित गतिविधियों में संलग्न रहें।
  • पर्याप्त आराम करें: अपने शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नींद और आराम को प्राथमिकता दें।
  • धूम्रपान, शराब और नशीली दवाओं से बचें: हानिकारक पदार्थों से दूर रहें जो बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • तनाव कम करें: तनाव को प्रबंधित करने के स्वस्थ तरीके खोजें और विश्राम तकनीकों का अभ्यास करें।
  • विषाक्त पदार्थों के संपर्क से बचें: रसायनों, प्रदूषकों और कुछ दवाओं से सावधान रहें।
  • सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें: सीट बेल्ट का उपयोग करें, उच्च जोखिम वाली गतिविधियों से बचें और गिरने या चोटों से सावधान रहें।

ध्यान रखें, आपकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर व्यक्तिगत सलाह और किसी विशिष्ट सावधानियों के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

गर्भावस्था के तीसरे महीने में बच्चे का विकास

गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान, शिशु का महत्वपूर्ण विकास होता है। इस अवधि के दौरान शिशु के विकास की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • अंगों का निर्माण: तीसरे महीने के अंत तक, शिशु के प्रमुख अंगों और शरीर प्रणालियों का निर्माण हो जाता है, जिनमें हृदय, फेफड़े, यकृत, गुर्दे और पाचन तंत्र शामिल हैं।
  • अंगों का विकास: शिशु के अंगों का विकास और लंबा होना जारी रहता है। उंगलियां और पैर की उंगलियां अधिक परिभाषित हो जाती हैं, और नाखून बनने लगते हैं।
  • चेहरे की विशेषताएं: बच्चे की चेहरे की विशेषताएं अधिक विशिष्ट हो जाती हैं। आंखें एक-दूसरे के करीब आ जाती हैं और पलकें आंखों को ढक लेती हैं, हालांकि, वे बंद ही रहती हैं। नाक, मुंह और कान अधिक परिभाषित हो जाते हैं।
  • प्रजनन अंग: तीसरे महीने के अंत तक, बच्चे के प्रजनन अंग बन जाते हैं, जिससे अल्ट्रासाउंड के माध्यम से लिंग की पहचान की जा सकती है, हालांकि, बाहरी जननांग अभी भी विकसित हो रहे होंगे।
  • मांसपेशियों का विकास: मांसपेशियां विकसित होती हैं, जिससे बच्चे को सहज गतिविधियां करने की इजाजत मिलती है, हालांकि, इन गतिविधियों को अभी तक मां द्वारा महसूस नहीं किया जा सकता है।
  • तंत्रिका तंत्र का विकास: बच्चे का मस्तिष्क तेजी से विकसित हो रहा होता है, और न्यूरॉन्स के बीच संबंध बन रहे हैं। प्रतिक्रियाएँ विकसित होने लगती हैं।
  • बाहरी स्वरूप: बच्चे का शरीर अधिक आनुपातिक हो जाता है, क्योंकि सिर, जो शुरू में बड़ा था, शरीर के अनुरूप होने लगता है।
  • दिल की धड़कन: तीसरे महीने के अंत तक, बच्चे की दिल की धड़कन का पता अक्सर अल्ट्रासाउंड या डॉपलर उपकरणों के माध्यम से लगाया जा सकता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये विकास अनुमानित हैं और प्रत्येक बच्चे में भिन्न हो सकते हैं। विकास की गति और क्रम भिन्न हो सकते हैं, लेकिन तीसरे महीने के अंत तक, अधिकांश प्रमुख संरचनाएँ और प्रणालियाँ अपनी जगह पर होती हैं। विशेषज्ञ के साथ नियमित प्रसव पूर्व जांच से बच्चे के विकास की निगरानी करने और स्वस्थ गर्भावस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

अगर हम आकड़ो की माने तो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में misccarriage का खतरा 85 परसेंटेज रहता है और अगर आप उन औरतो में से है जिनकी प्रेगनेंसी शुरुआती स्टेज में है तो आपको ये आर्टिकल जरूर पड़ना चाहिए आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में भूल कर भी प्रेग्नेंट औरतो को क्या नहीं करना चाहिए ?और कौन – कौन सी चीजे करनी चाहिए ?आइये हम जानते है की प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में हम को कौन कौन सी चीजों से बचना चाहिए ?

1 -अक्सर ये देखा गया है की दोस्तों प्रेग्नेंट औरत कमर दर्द और पीठ दर्द से निजात पाने के लिए गर्म पानी से नहाती है लेकिन ये बिलकुल भी सेफ नहीं होता है और ये आपके छोटे बच्चे के विकास को नुकसान पहुंचा सकता है अगर आप पीठ दर्द से आराम चाहती है तो एक बैग में गर्म पानी भरे ध्यान रखे की पानी ज्यादा गर्म न हो ,और फिर अपने पीठ पर एक तौलिया बिछाये फिर बैग को तालियों के ऊपर रख दे इससे बैग की गर्माहट से आपको अपने दर्द से आराम मिल जायेगा।

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

2 -कैफीन ज्यादा लेना

दोस्तों आप अकेले नहीं है , जो कैफीन या चाय लवर्स हो आप में से कई लोग अपने दिन की शुरुवात चाय, कॉफ़ी ,सॉफ्ट ड्रिंक ,कोल्ड ड्रिंक से करते है लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा कैफीन का इस्तेमाल बच्चे के विकास को रोक देता है और डिलीवरी के टाइम आपके बच्चे के वजन को कम करने के जोखिम को बढ़ा देता है

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

3 ज्यादा एक्सरसाइज करना

दोस्तों प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा एक्सरसाइज न करे और हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही किसी भी एक्सरसाइज को स्टार्ट करे अगर आपको किसी हेल्थ की प्रॉब्लम है तो आप एक्सरसाइज न ही करे.

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

4 -प्रेगनेंसी के शुरुवाती समय में आप लम्बे समय तक खाली पेट न रहे कुछ न कुछ टाइम पे थोड़ा थोड़ा खाती रहे, साथ में फल या नारियल पानी और ग्लूकोस मिला के पानी लेते रहे और ज्यादा मिर्च और oilly चीजों से परहेज करे regularly हर 15 दिनों में आपने हेल्थ checkup जरूर करवाए।

आइये अब जानते है।

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में कौन कौन सी चीजे करनी चाहिए ?

1 -रोज टहलना

टहलना हर इंसान के लिए काफी फायदेमंद रहता है प्रेगनेंसी के सुरुवाती महीने में प्रेग्नेंट महिला के लिए टहलना बहुत अच्छा माना जाता है क्युकी टहलने से आपके सरीर में ब्लड सर्कुलेशन काफी अच्छा रहता है और ये आपको एक्टिव बनाये रखता है इसलिए दोस्तों प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में आप रोजाना टहलने जाया करे।

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

2 -सुबह सबसे पहले मैडिटेशन करना और हल्का भोजन करना

मॉर्निंग सिकनेस ,घबराहट ,जी मिचलाना ये सभी प्रेगनेंसी के शुरुवाती महीनो में आम होता है इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए आप रात के समय हल्का भोजन करे सोने से पहले मैडिटेशन करे और म्यूजिक सुने

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

3 -घी

प्रेग्नेंट औरतो और पेट में पल रहे बच्चे को हेअल्थी बनाये रखने के लिए सबसे नेचुरल तरीको में से एक घी का इस्तेमाल होता है क्युकी घी में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जिसमें लिनोलिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो होने वाले बच्चे और उसकी आँखों के विकास के लिए काफी जरुरी होता है इसलिए आप अपने डाइट में कम से कम एक से दो चमच घी हर दिन ले।

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

4-ज्यादा से ज्यादा आराम करे

आप जितना हो सके तो आराम करे ,दिन में भी झपकी ले ले और दिन में अगर आप अपने पैरो को थोड़ा ऊंचा करके बैठेंगे तो इससे भी आपको काफी ज्यादा आराम मिलेगा।

प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips

प्रेगनेंसी के 3 महीने में क्या क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ?

5 -प्रेगनेंसी के ३ महीने में मॉर्निंग सिकनेस से बचने के लिए नींबू पानी ,अदरक की चाय की चाय पि सकते है, दिन भर में कम से कम 3 से 4 बार तरल चीजे जैसे छाछ ,नींबू पानी, नारियल पानी जूस शेक ये सब आप पि सकते है ,ऐसा करने से बॉडी में पानी की कमी नहीं होगी, इन 3 महीने में बच्चे के अंग बनना स्टार्ट हो जाते है तो ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक चीजों को अपने डाइट में शामिल करे ,आप इन 3 महीनो में अपनी डाइट में कार्बोहायड्रेट पदार्थ जैसे ब्राउन राइस,साबूत अनाज,ओट्स ज्वार ,बाजरा सूजी ,पास्ता ये सब शामिल करे इन सब से आपको और आपके बच्चे को पौष्टिक तत्व मिलेंगे बल्कि इससे आपको हर टाइम पेट भरे होने का एहसास भी होगा।

6 -प्रेगनेंसी के 3 महीने के शुरुआती दिनों में आप डिब्बा बंद जूस पदार्थ न खाये ,और फ़ास्ट फ़ूड से बचे और हो सके तो प्रेगनेंसी में व्रत न करे और न ही आप लम्बे समय तक भूखी रहे इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान सीफ़ूड न खाये इससे प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स हो सकते है

7 -प्रेगनेंसी के ३ महीने एंटी नटेल स्क्रीनिंग टेस्ट जैसे की ब्लड ग्रुप rah ,हीमोग्लोबिन ,ब्लड सुगर इन्फेक्शन्स जैसे की HIV RUBELA ,HEPETITIAS C की नियमित रूप से आप जांच जरूर करवाए ,हर 15 दिन में डॉक्टर से अपना चेकउप जरूर करवाए और अल्ट्रासाउंड भी करवाए ताकि आपको अपनी डेलिवरी डेट के साथ साथ ये भी पता चल जाये की गर्भ में एक या उसी अधिक बेबी तो नहीं है

8 -अगर आप को प्रेगनेंसी के शुरुवाती महीने में किसी और कॉम्प्लीकेशन्स आ रही है तो आप अपने डॉक्टर से जरूर बात करे

उम्मीद करते है आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको और प्रेगनेंसी से रिलेटेड किसी भी चीज की और जानकारी चाहिए तो आप हमरोई वेबसाइट की प्रेगनेंसी टिप्स playlist को चेक कर सकते है

1 thought on “प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महीने कैसे देखभाल करे ?First Trimester Pregnancy Tips”

Leave a Comment