नार्मल डिलीवरी कैसे होती है ?नार्मल डिलीवरी के लक्षण In Hindi

जब भी कोई महिला प्रेग्नेंट होती है तो अक्सर उनके दिमाग में एक सवाल हमेशा रहता है की नार्मल डेलिवरी होगी या फिर सेजेरियन डेलिवरी तो अगर आप प्रेगनेंसी के 8 मंथ के बाद से ही कुछ लक्षणों पर ध्यान दे तो और अगर आपको वो लक्षण दिखाई देते है तो आप पहचान सकती है की आपकी नार्मल डेलिवरी होगी या नहीं, तो आज के इस आर्टिकल पे हम आपको ऐसे 6 लक्षण बताने वाले है जिनसे हम बड़ी आसानी से पहचान सकते है की हमारी नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस अच्छे है या फिर आपकी c सेक्शन होगा।

गर्भवती होने के बाद हर महिला के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि उसकी डिलीवरी सामान्य होगी या सिजेरियन। आज के समय में ज्यादातर महिलाओ को यह लगता है कि सिजेरियन यानी ऑपरेशन के बाद डिलीवरी होना बहुत आसान होता है और इसके दर्द कम होता है, जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है। प्रेग्नेंसी के 37वें हफ्ते तक महिला की डिलीवरी होने पर उसे सामान्य डिलीवरी कहा जाता है लेकिन अगर किसी भी महिला को कुछ कारणों से प्रेग्नेंसी के 37 हफ्ते से पहले ही डिलीवरी हो जाये तो इसे प्रीटर्म डिलीवरी या प्रीमैच्योर लेबर डिलीवरी कहा जाता है। सामान्य या नॉर्मल डिलीवरी में महिला बच्चे का जन्म बिना किसी ऑपरेशन की सहायता से होता है और यह डिलीवरी बहुत ज्यादा ठीक मानी जाती है। ऑपरेशन या सिजेरियन डिलीवरी द्वारा बच्चे का जन्म होने के कई खतरे होते हैं लेकिन सामान्य डिलीवरी में खतरा कम होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान आखिरी महीने में सामान्य डिलीवरी या नॉर्मल डिलीवरी के कुछ संकेत शरीर में देखे जा सकते हैं

दोस्तों हर महिला अपनी नार्मल डेलिवरी ही चाहती है लेकिन कुछ ऐसे कंडीशंस होती है जिन कंडीशन पर नार्मल डेलिवरी हो जाना बहुत मुश्किल होता है जैसे प्रे atresia , प्लेसेंटा प्रिविआ,थाइरोइड या दो या दो से ज्यादा बार अम्बिलिकल कॉर्ड का घूम जाना, बेबी ब्रीच पोजीशन पे होना, प्राइवेट पार्ट पे इन्फेक्शन होना utrus में इन्फेक्शन हो इन सभी कंडीशंस पे नार्मल डेलिवरी होना थोड़ा मुश्किल होता है इसके अलावा अगर आपकी पहले ही miscarriage की हिस्ट्री रही है या पिछली डेलिवरी सी सेक्शन से हुई है या फिर आपको प्रेगनेंसी के दौरान आपको ब्लीडिंग होती रही है तो इन सभी केसेस पे नार्मल डेलिवरी हो सकती है पर इन सभी की पॉसिबिलिटी बहुत कम होती है चलिए अब बात करते है की ऐसे कौन से लक्षण होते है की जिनसे आप पहचान सकते है की आपकी नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस काफी अच्छे है लेकिन नार्मल डेलिवरी होने के लिए दो चीज सबसे ज्यादा जरुरी होती है और उनमें से सबसे पहला है

A –बच्चे का हेड डाउन पोजीशन पर आ जाना यानि CEPHALIC पोजीशन

B-बेबी पुश उप करने की कोसिस करे

अगर बच्चा हेड डाउन पोजीशन पर नहीं आएगा तो बच्चा पुश नहीं कर पायेगा और उसकी वजह से आपको नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस कम हो जायेंगे अगर ये दोनी कंडीशन आपके साथ हो रही तो नार्मल डेलिवरी हो जाएगी इसके अलावा 6 लक्षण और होते है जिनसे आप पहचान सकती है की आप की नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस बेहतर है जिनमें पहला लक्षण है

1 -बार बार यूरिन आना

देखिये जब बार बच्चा हेड डाउन पोजीशन पर आता है तो वो महिला के पेल्विक एरिया में आ के फ़स जाता है और बाहर निकलने की कोसिस करता है इस कंडीशन पर महिला के uninary ब्लैडर पे काफी प्रेशर पड़ता है जिसकी वजह से महिला को बार बार यूरिन आने की समस्या होती है वैसे तो प्रेगनेंसी के पुरे सफर में महिला को बार बार यूरिन आने की समस्या रहती है लेकिन अगर आपके बच्चे ने हेड डाउन पोजीशन कर लिया है तो आपको बार बार यूरिन आने की समस्या बढ़ जाती है और आपको हर 5 से 10 मिनट के बिच यूरिन आती रहती है

2-पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना

देखिये जब बच्चा बाहर निकलने की कोसिस करता है तो उस दौरान आपके मसल्स पर प्रेशर पड़ता है और इसी वजह से आपको पीठ के निचले हिसे में दर्द रहने की समस्या बड़ जाती है

3 -लोअर abdonal में दर्द होना

देखिये जैसे ही बच्चा हेड डाउन पोजीशन पर आएगा उसके बाद पुश करने के कोसिस करेगा तो आपके लोअर abdonal में दर्द होना स्टार्ट हो जायेगा तो ये भी एक लक्षण होता है की आपको नार्मल डेलिवरी होने के लक्षण काफी अच्छे है

4 -बहुत ज्यादा वाइट डिस्चार्ज होना

जब बेबी हेड डाउन पोजीशन करके पुश करता है तो उस समय आपके सरीर में ऑक्सीटोसिन नाम का हार्मोन ज्यादा बनने लगता है ताकि ये आपकी डेलिवरी को सपोर्ट कर सके जब भी आपके सरीर में हॉर्मोनल चंगेस होते है तो वाइट डिस्चार्ज बढ़ने लगता है तो ये भी एक लक्षण होता है की आपकी नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस काफी अच्छे है

5 -म्यूकस प्लग का निकल जाना

जब बच्चा आपके utrus पर प्रेशर डालता है तो उस समय utrus में लगा हुआ म्यूकस प्लग जो की बच्चे को बाहर के इन्फेक्शन से सुरक्षा देता है वो बाहर निकालन स्टार्ट कर देता है और ये आपकी डेलिवरी का पहला स्टेज होता है तो इससे भी आपको पता चल जायेगा की आपकी नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस काफी ज्यादा कैश है

6 -सर्विक्स ओपन होना

ये लक्षण आप खुद नहीं पहंचान सकते लेकिन आपके डॉक्टर आपको देख के बता सकते है की आपके सर्विक्स खुलना स्टार्ट हो गया है या नहीं ये भी एक ऐसा लक्षण होता है जिससे आपको पता चल जाता है की आपकी नार्मल डेलिवरी होने के चान्सेस काफी ज्यादा अच्छे है

FAQ

अगर मुझे लगे कि लेबर पेन शुरू हो गया है तो डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

डॉक्‍टर ने आप से बात की होगी कि प्रसव के शुरुआती संकेत महसूस होने पर आपको क्‍या करना है। मगर यदि आप इस बारे में निश्चित नहीं हों कि प्रसव शुरू हुआ है या नहीं तो भी डॉक्‍टर को फोन करने से न हिचकिचाएं। डॉक्‍टर ऐसी महिलाओं के फोन सुनने की आदि होती हैं, जो प्रसव को लेकर संशय में हों और जिन्हें मार्गदर्शन की जरुरत होती है।

डॉक्टर आपसे कुछ सवाल पूछकर और आपकी आवाज के लहजे व सांस लेने के तरीके से ही काफी कुछ समझ सकती हैं। डॉक्टर जानना चाहेंगी कि:

  • आपके संकुचन कितने प्रबल हैं (क्‍या आप संकुचनों के दौरान बात कर पा रही हैं या नहीं)
  • हर संकुचन कितने समय तक बना रहता है संकुचन कितनी जल्‍दी-जल्‍दी हो रहे हैं।
  • क्‍या आपको लगता है कि पानी की थैली फट गई है और स्‍त्राव का रंग कैसा है
  • क्‍या आपको योनि से रक्‍तस्‍त्राव हो रहा है।
  • क्‍या आपको शिशु की हलचल सामान्‍य से ज्‍यादा महसूस हो रही है
  • क्‍या कोई अन्‍य चिंताजनक लक्षण महसूस हो रहा है।

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