नवजात शिशु को सोते समय मृत्यु से बचाये Newborn Sleeping Care And Pregnancy Tips In Hindi

हेलो दोस्तों TIMESGLOBLE.COM पे आपका एक बार फिर से स्वागत है दोस्तों आपने बहुत बार  SUDDEN INFANTS DEATH SYNDROM(sids ) का नाम तो सुना होगा इसमें माँ बाप की सिर्फ कुछ गलतियों की वजह से नवजात शिशु की दम घुटने से  मौत हो जाती है अगर आपका भी न्यू बोर्न बेबी है तो आप इस चीज से कैसे बच सकती है वो हम आज के आर्टिकल में शेयर करने वाले है और आप इसे कैसे  रोक सकते है ,ये भी जानेंगे कि किस तरह की गलतिया आपको  नहीं करनी है जिससे आपके नवजात बच्चे को मौत से बचाया जा सकता है आइये जानते है की आपको क्या सावधानी रखनी चाहिए

सबसे पहले जानते है

SUDDEN INFANT DEATH (SIDS)क्या है ?

sudden infant death syndrome sids sometimes known as “cot death” -is the sudden ,unexpected and unexplained death of an apparently healthy baby

सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम आमतौर पर नींद के दौरान 1 वर्ष या उससे कम उम्र के स्वस्थ दिखने वाले शिशु की एक एकाएक और अप्रत्याशित मौत है।
  • सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) का कारण ज्ञात नहीं है।

  • नवजात शिशुओं को उनकी पीठ पर सुलाना; पालने से तकिए, बम्पर गार्ड और खिलौने हटा देना; शिशुओं को ज़्यादा गरम होने से बचाना; और शिशुओं को धूम्रपान किए जाने वाले परिवेश से दूर रखने से SIDS को रोकने में मदद मिल सकती है।

  • जिन माता-पिता ने SIDS में अपने बच्चे को खो दिया है, उन्हें परामर्श और सहायता समूहों की सलाह लेनी चाहिए।

हालांकि सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS; जो पालने में होने वाली मृत्यु भी कहलाता है) संयुक्त राज्य अमेरिका में दुर्लभ है (लगभग 1,000 जन्मों में से 1), यह 2 सप्ताह और 1 वर्ष की आयु के शिशुओं में मृत्यु के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। अफ़्रीकी अमेरिकी और मूल अमेरिकी बच्चों में SIDS का औसत जोखिम दोगुना होता है। यह अक्सर जीवन के दूसरे महीने और चौथे महीने के बीच बच्चों को प्रभावित करता है। इस सिंड्रोम के मामले दुनियाभर में सामने आते हैं। बहुत सारे जोखिम कारक होते

वजात शिशु में अचानक होने वाली मृत्‍यु को सडन इंफैंट डेथ सिंड्रोम कहा जाता है। आमतौर पर इस तरह के हादसे नींद के दौरान और एक साल से कम उम्र के स्‍वस्‍थ शिशुओं में होते हैं। सडन इंफैंट डेथ सिंड्रोम यानि एसआईडीएस को क्रिब डेथ भी कहा जाता है क्‍योंकि शिशु अपने झूले या‍नि क्रिब में ही मर जाता है। हालांकि, इसके सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। ऐसा प्रतीत होता है कि एसआईडीएस शिशु के मस्तिष्क के उस हिस्से में दोषों से जुड़ा हो सकता है जो नींद में सांस लेने और उत्तेजना को नियंत्रित करता है।

शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसे कारकों की खोज की है जो शिशुओं को इसके जोखिम में डाल सकते हैं। उन्होंने आपके बच्चे को SIDS से बचाने में मदद के लिए उठाए जा सकने वाले उपायों की भी पहचान की है। अगर आपका भी न्‍यूबॉर्न बेबी है और आप उसे अपने साथ या पालने में सुलाती हैं, तो आपको SIDS के बारे में और इससे बचने के उपायों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए।

​SIDS के फिजिकल कारक

​SIDS के फिजिकल कारक
  • मस्तिष्क दोष : कुछ शिशु ऐसी समस्याओं के साथ पैदा होते हैं जिससे उनके SIDS से मरने की संभावना अधिक हो जाती है। इनमें से कई शिशुओं में, मस्तिष्क का वह हिस्सा जो नींद में सांस लेने और उत्तेजना को नियंत्रित करता है, ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त परिपक्व नहीं हुआ होता है।
  • जन्म के समय कम वजन : प्रीमैच्‍योर बर्थ होने से इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि बच्चे का मस्तिष्क पूरी तरह से परिपक्व नहीं हुआ है, इसलिए सांस लेने और हृदय गति जैसी स्वचालित प्रक्रियाओं पर उसका कम नियंत्रण होता है।

​SIDS के पर्यावरणीय कारक

शिशु के पालने में मौजूद चीजें और उसके सोने की स्थिति शिशु की शारीरिक समस्याओं के साथ मिलकर SIDS का खतरा बढ़ा सकती हैं।

  • पेट या बाजू के करवट लेकर सोना : इन स्थितियों में सोने वाले शिशुओं को पीठ पर सोने वाले शिशुओं की तुलना में सांस लेने में अधिक कठिनाई हो सकती है।
  • मुलायम सतह पर सोना : नरम गद्दे या बिस्तर पर सिर नीचे कर के लेटने से शिशु का श्‍वसन मार्ग अवरुद्ध हो सकता है।
  • बेड शेयर करना : शिशु के अपने माता-पिता के साथ एक ही कमरे में सोने पर SIDS का जोखिम कम हो जाता है। यदि बच्चा माता-पिता, भाई-बहनों या पालतू जानवरों के साथ एक ही बिस्तर पर सोता है, तो जोखिम बढ़ जाता है

2 कभी भी बच्चे को ऐसे न सुलाए इससे बच्चा कभी भी मुड़  सकता है बच्चे को हमेशा पीठ के बल सुलाए जिससे की उसका नाक मुँह खुला रहे और वो अच्छे से साँस ले सके क्युकी newborn बहुत ही सेंसिटिव होते है अपनी आपका वो कुछ भी केयर नहीं कर सकते है सारी चीज हमको करनी है हमें सोचनी है

नवजात शिशु को सोते समय मृत्यु से बचाये Newborn Sleeping Care And Pregnancy Tips In Hindi

3 -अगली इम्पोर्टेन्ट बात कई बार हम बच्चे को अपने ही बेड पे सुलाते है हम सोचते है हमारा जो मैट्रेस है वो बहुत ही सॉफ्ट है लेकिन उससे बच्चा दब भी सकता है ऐसा कई केसेस पे देखा गया है जो काफी महंगा गद्दे होते है उसमें ऐसा होता है तो उसमें जब  आप बच्चे को सुलाते है तो उसमें हम सोचते है की ये काफी रिलैक्सिंग होगा लेकिन ऐसा नहीं होता है उसमें बच्चा  discomfort रहता है ध्यान रखें की डसने वाला गद्दा बच्चे के लिए कभी नहीं होना चाहिए

4 -कई बार हम बच्चे के आसपास बहुत सारी चीजे रखते है जैसे पिल्लो,  छोटा कोई क्लॉथ या फिर टॉवल कई बार बच्चा हाथ पाँव मरता है और वो कपडा मुँह पे ले लेता है जिससे कि उसका मुँह कवर हो जाता है और उसको घुटन हो सकती है तो बच्चे के आस  पास अनावश्यक चीजे  न रखें

5 -कई बार जब सर्दी या ठण्ड का मौसम होता है तो हम बच्चे को मुँह ढक कर सुला देते है तो ऐसा बिलकुल न करे  यदि  ac चल रहा तो ac का सही टेम्परेचर  सेट कर दे पर बच्चे को मुँह ढक कर कभी न सुलाए  ये टोटली unsafe  है ऐसा आपको बिलकुल नहीं करना है

6 -कई बार ऐसा होता है की आपके बेड पे आपका एक बच्चा सोया होता है और दूसरे तरफ आपका न्यू बोर्न बेबी भी सो रहा होता है तो ऐसी कंडीशन पे  माँ को हमेशा बिच में सोना चाहिए और न्यू  बोर्न को दिवार की साइड सुलाना चाहिए ताकि गलती से भी सोते समय बच्चे  के ऊपर कोई चढ़ न जाये और इस कंडीशन पे बच्चा दब न जाये

एक न्यूज़ में  देखा गया है कि एक पिता अपने बेबी को अपने ऊपर रख के सुला रे थे  सुबह जब उनकी आंख खुली तो देखा उनका बच्चा मर चूका था क्युकी पिता को नींद आ गयी और उसने  करवट ले ली और बच्चा निचे दब  गया और वो मर गया तो गहरी नींद कभी भी आ सकती है तो इससे बच्चा दब  सकता है

7 -कभी भी बच्चे को एक साइड न सुलाय,कई बार अगर ऐसे में कोई गेस्ट आया या छोटा सा बच्चा आया और अचानक से बेड पे जाके  बैठ गया  और अगर उसे बच्चा दिखा नहीं वो अवेयर नहीं है वो हड़बड़ी में आ के उसके ऊपर  बैठ गया तो भी ऐसे प्रॉब्लम हो सकती है इसलिए हमेशा हमें इसके लिए अवेयर रहना है बच्चे को ऐसे जगह पे नहीं सुलाना है जो कोई भी तुरंत आके बैठ सके

हमेशा बच्चे को बिच पे सुलाए ताकि वो सभी को दिख सकेऔर उसके दबने की सम्भावना न रहे

तो दोस्तों अगर आप ये सावधानी रखेंगे तो आपका बेबी सुरक्षित रहेगा और ये sudden infant death केस से आप बच जाएगी

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