गर्भ पात के लक्षण क्या है हिंदी में ?miscarriage के क्या लक्षण होते है ?

हर महिला अपने जीवन में प्रेग्नेंट होना चाहती है और जब महिला प्रेग्नेंट हो जाती है तो उनके ख़ुशी का ठिकाना नहीं होता है लेकिन कभी कभी ये ख़ुशी ज्यादा टाइम तक नहीं रहती है और महिला का miscarriage हो जाता है ऐसे में महिला को अगर पहले से पता हो miscarriage के कारण, लक्षण और उपाय क्या होते है तो वो अपनी प्रेगनेंसी को बचा सकती है आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे किन महिलाओ में miscarriage होने की सम्भावनाये सबसे ज्यादा होती है misscarriage के कारण क्या होते है इसके लक्षण क्या होते है और इनके लिए आप क्या उपाय कर सकती है तो आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर सुने तो चलिए सबसे पहले बात करते है की किन महिलाओ में misccarriage होने के चान्सेस सबसे ज्यादा होते है

गर्भ पात के लक्षण क्या है हिंदी में ?miscarriage के क्या लक्षण होते है ?

तो 3 तरह की महिलाओ में miscarriage होने के चान्सेस सबसे ज्यादा होते है

1 -जिन महिलाओ की उम्र 35 वर्ष से ज्यादा हो गयी है

2 -जिन महिलाओ को प्रेगनेंसी के दौरान सबसे ज्यादा काम करना पड़ता है या फिर ज्यादा traveling करनी पड़ती है

3 जिन महिलाओ के प्राइवेट पार्ट में पहले इन्फेक्शन रहा हो या उनके सर्विक्स की सर्जरी हुई है

आगे बढ़ने से पहले आपको ये जानना सबसे जरुरी है की miscarriage किसे कहा जाता है और ये कितने तरीके का होता है

गर्भपात क्या है? (What is Miscarriage)

सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि गर्भपात होता क्या है? दरअसल गर्भधारण से 24 सप्ताह पहले अगर शिशु की मृत्यु हो जाए तो इसे गर्भपात कहते हैं। इसके अलावा गर्भावस्था के शुरूआती 12 महीने से पहले अगर शिशु की मृत्यु हो जाए तो इसे अर्ली मिसकैरिज (miscarriage meaning in hindi) कहा जाता है या फिर दूसरे शब्दो में

अगर किसी महिला के प्रेगनेंसी 20 हफ्ते से पहले ही खत्म हो जाये तो उसे miscarraige या गर्भपात कहा जाता है ये 5 तरीके का होता है जिसमें सबसे पहले तरीका होता है

1 -मिस्ड गर्भपात -इस तरीके के गर्भपात में महिला को भी नहीं पता होता है की उनका miscarriage हो गया है क्युकी न तो इसमें कोई ब्लीडिंग होती है न ही कोई दर्द होता है इसका पता तब चलता है जब अल्ट्रासाउंड में बच्चे का विकास रुका हुआ दिखाई देता है

2 -अधूरा गर्भपात -इस तरह के गर्भपात में महिला को दर्द भी होता है और ब्लीडिंग भी होती है क्युकी इसमें शिशु सर्विक्स में आधा बाहर निकल आता है और इसका पता लगाने के लिए अल्ट्रा साउंड करना पड़ता है

3 -पूर्ण गर्भपात –इसमें महिला को ब्लीडिंग भी होती है पेट में दर्द भी होता है और इस दौरान सर्विक्स से बेबी पूरी तरीके से बाहर निकल आता है

4 inavitable गर्भपात -इसमें भी महिला को ब्लीडिंग और पेट में दर्द होता है और शिशु सर्विक्स से पूरी तरीके से बाहर निकलता है

5 -सेप्टिक गर्भपात -इसमें इस तरीके के गर्भपात में ब्लीडिंग होती है पेट में दर्द होता है और इस तरीके का गर्भपात महिला के प्राइवेट पार्ट में किसी न किसी तरह का इन्फेक्शन होने से होता है

गर्भपात के लक्षण (Miscarriage Symptoms)

गर्भपात(garbhpat) होने पर पीड़ित महिला को कई तरह के लक्षण महसूस होते हैं जिसमें से ब्लीडिंग होना सबसे नॉर्मल लक्षणों में से एक है। इसके अलावा भी गर्भपात के कई लक्षण हैं जैसे- 

  • आमतौर पर गर्भपात का सबसे पहला लक्षण रक्तस्त्राव यानि ब्लीडिंग होता है, साथ ही पेट में मरोड़ और असहनिय दर्द होता है। 
  • अगर आपका गर्भपात (miscarriage symptoms)गर्भावस्था के शुरुआती समय में ही हो जाता है तो इस दौरान ब्लीडिंग हल्का होगा और फिर कुछ दिनों में काफी ज्यादा हो सकता है इसमें पीड़ित महिला खून के थक्के बाहर आते हुए भी महसूस करती हैं जो कुछ दिनों तक आते ही रहते हैं। 
  • कई गर्भवती (miscarriage)महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनमें गर्भावस्था के शुरुआती समय में ही कुछ खून के धब्बे दिखाई देते हैं लेकिन ज़रूरी नहीं कि ये गर्भपात ही हो, इस तरह की ब्लिडिंग हो जाती है जो कि 2 से 3 दिन तक चलती है। 
  • प्रेग्नेंसी (miscarriage symptoms) के शुरुआत स्टेज में ब्लिडिंग, खून के धब्बे और दर्द होना मोलर गर्भावस्था के लक्षण हो सकते हैं, इसलिए जब भी आपको ऐसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें लपरवाही ना करें।  
  • कुछ महिलाओं को पता भी नहीं चलता कि वो गर्भपात (garbhpat) की शिकार हो गई हैं और गर्भपात (miscarriage symptoms) हो जाता है। इस दौरान उन्हे किसी भी तरह के लक्षण महसूस नहीं होते हैं। इस स्थिति में गर्भ की जांच स्कैन के द्वारा ही की जाती है। इस तरह की घटना को मिस्ड मिस्कैरिज या साइलेंट मिस्कैरिज कहा जाता है।

गर्भपात होने के कारण

1 -हार्मोन का असंतुलित हो जाना

अगर आपके सरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ गया है तो miscarriage होने के चान्सेस बढ़ जायेंगे

2 -इम्युनिटी या ब्लड क्लॉटिंग की समस्या

अगर आपके सरीर में इम्युनिटी कम है या या आपके शरीर में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो रही है तो इस कारण से भी miscarriage होने के चान्सेस बढ़ जाते है

3 -थाइरोइड और डायबिटीज होना

अगर आपको प्रेगनेंसी से पहले थाइरोइड या डायबिटीज है तो आपको miscarriage होने के चान्सेस काफी ज्यादा बढ़ जाते है

4 -utrus में कोई परेशानी होना

अगर महिला के utrus के अंदर कोई परेशानी हो तो भी उसको miscarriage होने के चान्सेस बढ़ जाते है

5 -अगर महिला स्मोकिंग बहुत ज्यादा करती है तो भी misscarriage होने के चान्सेस बहुत ज्यादा हो जाते है

इसके अलावा भी बहुत सारे रीज़न होते है जो rare होते है miscarriage होने के चान्सेस बहुत ज्यादा होते है जैसे -क्रोमो जोन्स

महिला और पुरुष का सरीर क्रोमोसोम्स से मिलकर बना होता है अगर ऐसे में प्रेगनन्सी करते टाइम क्रोमोसोम्स बिगड़ जाये तो इस कंडीशन में भी miscarriage होने के चान्सेस बढ़ जाते है

चलिए अब बात करते है miscarriage के लक्षण क्या होते है

1 -अगर आपको प्रेगनेंसी के दौरान पेट में ऐठन और प्राइवेट पार्ट से गहरे लाल रंग की ब्लेडिंग या स्पोटिंग होना स्टार्ट हो जाये तो आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट कारन चाहिए

2 -इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान पीठ में दर्द होता है लेकिन अगर ये असहनीय हो जाये तो यानि की आप इस दर्द को सहन न कर पाए तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए

3 -इसके अलावा अगर पेट के निचले हिस्से में पीरियड के दर्द के जैसा दर्द महसूस हो या उससे ज्यादा दर्द महसूस हो तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए

4 -कभी कभी ऐसा भी होता है कि महिला को कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देता है और उनको miscarriage या गर्भपात की जानकारी तब मिलती है जब महिला डॉक्टर से रेगुलर चेकउप के लिए जाती है तो समय समय पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करते रहे

miscarriage के खतरे को टालने के लिए आप क्या कर सकती है ?

1 -अगर आपने अभी तक प्रेगनन्सी कंसीव नहीं करी है तो prenatel विटामिन और फोलिक एसिड का प्रयोग शुरू कर देना चाहिए इससे miscarriage होने के चान्सेस कम हो जाते है और इसके लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते है वो आपको फोलिक एसिड और विटामिन बताएँगे

2 -इसक अलावा कुछ पुरानी बीमारियों के चलते भी miscarriage होने के खतरे बढ़ जाता है ऐसे में जरुरी टीकाकरण जरूर करवाए

3 -हर रोज व्यायाम जरूर करे और योग जरूर करे इससे आपको miscacrriage होने का खतरा काफी हद तक कम हो जायेगा

4 -अब अगर आपने प्रेगनेंसी कंसीव कर ली है तो आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट करे उनको बताये की क्या पहले आपको कोई miscarriage हुआ है या नहीं अगर नहीं हुआ है तो जो मेडिसिन उन्होंने लिखी है उनको लगातार जरूर लेती रहे इसके अलावा अगर आपका पहले miscarriage है तो डॉक्टर से बात करते हुए पहले hcg टेस्ट tissue टेस्ट और क्रोमोसोम टेस्ट जरूर करवा ले इनसे आपको पता चल जायेगा की आपको गर्भपात होने के चान्सेस है के नहीं

हम उम्मीद करते है की अब आपको पता चल गया होगा कि miscarriage क्या होता है और किस कारण से होता है और आप इसके लिए क्या कर सकते है

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